जलपाईगुड़ी नगर पालिका ने जारी किया आदेश
टोटो चालकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष अनिवार्य
निज संवाददाता : जलपाईगुड़ी शहर की सड़कों पर टोटो की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था बहाल करने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। मुख्य शर्त के अनुसार, अब से 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्ति टोटो नहीं चला सकेगा। इस सिलसिले में बीते बुधवार से शहर में माइकिंग शुरू हो गई है। यह अभियान लगातार तीन दिनों तक चलेगा। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी अभियान शुरू होगा। प्रशासन ने जानकारी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। जलपाईगुड़ी नगर पालिका ने ऐसा ही एक नियम लाया है।
नगर पालिका का आरोप है कि कई नाबालिग सड़कों पर टोटो लेकर घूम रहे हैं, जिन्हें ड्राइविंग का कोई अनुभव नहीं है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, चालक अक्सर नशे की हालत में यात्रियों को बिठाते हैं, जिससे यात्रियों की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, नशे की हालत में पकड़े जाने पर पहली बार 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार टोटो चलाते पाए जाने पर पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और टोटो जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा, अगर कोई यात्री चालक के बगल में बैठता है, तो पहली बार जुर्माना 500 टका, दूसरी बार 1,000 टका होगा। तीसरी बार पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और टोटो जब्त कर लिया जाएगा।
इतना ही नहीं, रात में बिना हेडलाइट के टोटो चलाने पर जुर्माना 200 टका होगा। नगरपालिका ने बताया है कि स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम यात्रियों के लिए 'नो रिफ्यूजल' सेवा शुरू की जा रही है। यानी टोटो चालक इस श्रेणी के यात्रियों को वापस नहीं भेज पाएंगे। नगरपालिका ने टोटो के किराए के लिए एक निश्चित दर भी तय की है। किराया पहले 2 किमी के लिए 15 रुपए और अगले 3 किमी के लिए 5 रुपए प्रति किमी है। अधिकतम किराया 30 रुपए से अधिक नहीं हो सकता। स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए पहले दो किलोमीटर का किराया 10 रुपए तय किया गया है।
नगर पालिका के उपाध्यक्ष सैकत चटर्जी ने बताया कि रात में बिना हेडलाइट जलाए टोटो चलाना बेहद जोखिम भरा है। इसलिए अब से इसे अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि टोटो की प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त निगरानी की जाएगी।
