आसनसोल में ₹350 करोड़ के चिटफंड घोटाले पर बवाल,
भाजपा-टीएमसी आमने-सामने, एआईएमआईएम ने भी उठाए सवाल
आसनसोल : आसनसोल रेलपार के जाहंगिरी मोहल्ला में बुधवार को तृणमूल नेता शकील अहमद के घर के बाहर सैकड़ों लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनके बेटे तहसीन अहमद द्वारा तीन हजार से अधिक लोगों से ठगे गए लगभग साढ़े चार सौ करोड़ रुपये वापस दिलाए जाएं।
आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र की मौटुसी दत्ता ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने तहसीन अहमद पर 20 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। वहीं, मौके पर मौजूद रिटायर्ड बीएसएफ अधिकारी रबिन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में 3 लाख रुपये लगाए थे, लेकिन अच्छा रिटर्न मिलने के बाद धीरे-धीरे उन्होंने 41 लाख रुपये तक निवेश कर दिए। अब उन्हें कोई भुगतान नहीं मिल रहा और तहसीन अहमद टालमटोल कर रहे हैं।
सिंह ने बताया कि कई लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया था, जिनकी पूरी रकम डूब गई। इस बीच, राज्य के कानून मंत्री मलय घटक ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि उनके निवेशित रुपये वापस दिलाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
वहीं, भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर तहसीन अहमद और पीड़ितों का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि आसनसोल में ₹350 करोड़ का बड़ा चिटफंड घोटाला हुआ है, जिसके पीछे तृणमूल नेता शकील अहमद के बेटे तहसीन अहमद का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि तहसीन ने एक फर्जी और बिना लाइसेंस कंपनी के ज़रिए 3,000 परिवारों से पैसा जुटाया और ऊँचे रिटर्न का झांसा देकर उन्हें लूट लिया।
सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घोटाला पार्टी के संरक्षण में हुआ। उन्होंने तहसीन अहमद की तत्काल गिरफ्तारी, सेबी-ईडी द्वारा जांच और पीड़ितों को पूरी रकम लौटाने की मांग की।
इसी विवाद के बाद तृणमूल अल्पसंख्यक संघ के पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष महफूजुल हसन ने बयान जारी किया कि शकील अहमद अब पार्टी में किसी भी पद पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तहसीन द्वारा की गई ठगी के बाद ही उन्हें तृणमूल से निष्कासित कर दिया गया था।
वहीं, एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष दानिश अजीज ने आसनसोल बीएनआर मोड़ स्थित कॉफी हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तहसीन अहमद ने बेरोजगारों और मासूम लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आरोपी के पिता शकील अहमद मंत्री मलय घटक के बेहद करीबी थे, इसलिए आरोपी पर अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
दानिश अजीज ने सवाल उठाया कि अगर तहसीन अहमद फरार हो जाता है, तो क्या पीड़ितों का पैसा मंत्री मलय घटक लौटाएंगे? उन्होंने कहा कि जनता अब इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
