‘राजभवन से बंदूकें, बम सप्लाई हो रहे हैं’
कल्याण की इस टिप्पणी पर राज्यपाल ने सख्त कदम उठाया
निज संवाददाता : राजभवन से बंदूकें, बम सप्लाई हो रहे हैं। श्रीरामपुर से तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी की इस टिप्पणी पर राजभवन ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार सुबह, राजभवन का सिंहद्वार खोल दिया गया। राजभवन सांसदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पत्रकारों समेत 100 लोगों के लिए खोला गया था। इतना ही नहीं, सांसद के बयान के मद्देनजर राजभवन की ओर से एक सख्त बयान भी जारी किया गया है।
मालूम हो कि बिहार चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने एसआईआर के महत्व के बारे में बात की थी। उनके अनुसार, एसआईआर एक नया तरीका है, यह निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक था। बिहार की तरह, बंगाल में भी लोग इस तरीके को अच्छी तरह से स्वीकार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव भी अच्छे से होंगे। शनिवार को राज्यपाल की इस टिप्पणी के बाद, तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पलटवार किया। उन्होंने कड़ी टिप्पणी की-पहले राज्यपाल से कहो कि वे भाजपा के अपराधियों को अपने राजभवन में न रखें। वे अपराधियों को राजभवन में रख रहे हैं और उन्हें बंदूकें और बम दे रहे हैं। वे कह रहे हैं, तृणमूल के लोगों को मार डालो। पहले ये सब बंद करो। वे एक निकम्मे राज्यपाल हैं। जब तक भाजपा के सेवक राज्यपाल बने रहेंगे, पश्चिम बंगाल में अच्छे काम नहीं होंगे।
उस टिप्पणी के बाद राजभवन में हड़कंप मच गया। उसी रात राजभवन की ओर से एक बयान जारी किया गया। बताया गया कि राजभवन के दरवाजे सांसदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पत्रकारों समेत 100 लोगों के लिए खोले जाएंगे। वे मौके पर आकर जांच कर सकते हैं कि राजभवन में कोई हथियार या गोला-बारूद जमा है या नहीं। अगर सांसद का दावा झूठा साबित होता है, तो उन्हें लोगों से 'माफ़ी' मांगने को भी कहा गया। इतना ही नहीं, सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के भी संकेत मिल रहे हैं। राजभवन सूत्रों के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष से भी अनुरोध किया जाएगा।
इसी के तहत रविवार सुबह 5 बजे से राजभवन के दरवाजे जनता के लिए खोल दिए गए। बता दें कि राजभवन और राज्यपाल की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कोलकाता पुलिस के पास है। अगर राजभवन में गोला-बारूद जमा है, तो पुलिस क्या कर रही है? क्या राजभवन में हथियार और गोला-बारूद लाने की इजाज़त दी गई है? यह सवाल भी उठा है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस राजभवन में ही ठहरे हुए हैं। इस मामले की जांच पूरी होने तक राज्यपाल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खबर है कि राजभवन की ओर से उन्हें सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, राज्यपाल ने कहा है कि वह राजभवन में ही रहेंगे।
